आधुनिक युग में भारतीय ज्ञान प्रणाली की प्रासंगिकता

Authors

  • ओमप्रकाश सैनी

Subjects/Theme:

भारतीय ज्ञान प्रणाली, NEP 2020, वैश्वीकरण, योग, आयुर्वेद, सतत विकास, शिक्षा

Description

भारतीय ज्ञान प्रणाली: परंपरा, विज्ञान और समकालीन प्रासंगिकता,

संपादक: मोहन सिहाग, जॉयदेब पात्रा

ISBN (978-81-685212-7-8)

भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge System – IKS) विश्व की प्राचीनतम और समृद्ध ज्ञान परंपराओं में से एक है, जो मानव जीवन के समग्र विकास—शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक—पर आधारित है। आधुनिक युग में, जब शिक्षा प्रणाली अत्यधिक तकनीकी और व्यावसायिक हो गई है, तब भारतीय ज्ञान प्रणाली की प्रासंगिकता पुनः स्थापित हो रही है। इस अध्याय में भारतीय ज्ञान प्रणाली के आधुनिक संदर्भ में महत्व का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है, विशेष रूप से नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के संदर्भ में। इसके साथ ही, वैश्विक स्तर पर भारतीय ज्ञान प्रणाली के प्रभाव—जैसे योग, आयुर्वेद, ध्यान और सतत जीवनशैली—का अध्ययन किया गया है। अंततः, भविष्य की दिशा (Future Directions) के अंतर्गत यह स्पष्ट किया गया है कि किस प्रकार भारतीय ज्ञान प्रणाली को आधुनिक विज्ञान, तकनीक और शिक्षा के साथ समन्वित कर एक संतुलित और समावेशी विकास मॉडल तैयार किया जा सकता है।

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Published

2024-01-30

How to Cite

ओमप्रकाश सैनी. (2024). आधुनिक युग में भारतीय ज्ञान प्रणाली की प्रासंगिकता. International Multidisciplinary Book Series, 2. Retrieved from https://ibseries.com/index.php/IMBS/article/view/37

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